आयकर कर्मचारी महासंघ: संक्षिप्त इतिहास


भारत में आयकर विभाग की स्थापना 24 जुलाई 1850 में हुई थी। उन दिनों देश पर अंग्रेजों की हुकूमत थी। 1947 में देश की आजादी तक आते-आते आयकर कर्मचारियों के आंदोलन और गतिविधियों की शुरूआत तो हो चुकी थी किन्तु यह राष्ट्रव्यापी न होकर कुछ बड़ी रियासतों तक ही सीमित थी। भारत की आजादी के बाद सितंबर 1949 में दिल्ली में विभिन्न प्रांतीय समितियों की एक सभा आयोजित कर आयकर कर्मचारियों के संगठनात्मक ढांचे की शुरूआत की गई। अनेक बाधाओं को पार करते हुए अंततः 10 फरवरी 1953 को नागपुर में इस महान संगठन की विधिवत स्थापना हुई और कामरेड एस0के0मजूमदार तथा कामरेड डी0एस0राजरत्नम इसके क्रमषः संस्थापक अध्यक्ष तथा महासचिव निर्वाचित हुए। स्थापना के साथ ही कर्मचारी हित के लिये संघर्ष करने वाले नेताओं के खिलाफ शासन और प्रशासन का दमन चक्र प्रारंभ हो गया लेकिन संगठन मजबूती से आगे बढ़ता ही गया। 1960 की 5 दिवसीय शानदार ऐतिहासिक हड़ताल में आयकर कर्मचारी महासंघ ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। संघर्षों का यह बेमिसाल सफर कामरेड मनीषीनाथ घोष, कामरेड पथिक बैनर्जी, कामरेड के0एन0नायगम, कामरेड नानम जैसे जाॅंबाज साथियों के नेतृत्व में नई बुलंदियों को स्पर्ष करता गया। 1981 में कामरेड के0के0एन0कुट्टी इस संगठन के महासचिव निर्वाचित हुए और अपने 28 वर्षों के कार्यकाल में इसे न केवल ताकतवर और एकजुट बनाया बल्कि इसे समस्त केन्द्रीय कर्मचारियों के आंदोलन के शीर्ष पर पहंुचा दिया। पिछली अनेकों राष्ट्रव्यापी हड़तालों में आयकर कर्मचारी महासंघ ही एकमात्र ऐसा कर्मचारी संगठन साबित हुआ जिसकी शतप्रतिषत भागीदारी एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। 2009 के मुंबई अधिवेषन में अध्यक्ष एवं महासचिव बने कामरेड के0पी0राजगोपाल और अशोक बी0 सालुंके ने 2012 के मेहसाणा अधिवेषन अपना-अपना स्थान बदल लिया और वर्तमान में कामरेड के0के0एन0कुट्टी, विमल बोस, उमेश मेहता और पी0वी0रामचंद्रन जैसे अनुभवी एवं संघर्षशील साथियों के कुशल मार्गदर्शन एवं परामर्ष में मुख्यालय की वर्तमान टीम उसी एकजुटता की भावना के साथ अपना काम कर रही है। वर्ष 2000 में पहले कैडर पुनर्गठन के पष्चात् अभी-अभी 2013 में लगभग 21000 नये पद आयकर विभाग में सृजित किये जाने में आयकर कर्मचारी महासंघ, आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ और भारतीय राजस्व सेवा संघ की परस्पर सहयोग पूर्ण कार्यवाही का सबसे बड़ा योगदान है। यह वर्ष आयकर कर्मचारी महासंघ की स्थापना का हीरक जयंती वर्ष है और देश भर के आयकर कर्मी अपने संगठन और विभाग को हीरे की तरह जगमगाने के लिये सतत प्रयत्नशील बनें यही हम सबकी अभिलाषा है।



मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्कल के गौरवपूर्ण इतिहास की एक झलक

हमें अत्यंत खुशी और गर्व है कि हमारा अपना मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्कल इस महान संगठन का संस्थापक सर्कल है क्योंकि 10 फरवरी 1953 को जिस नागपुर में इसकी स्थापना हुई वह तत्कालीन सी पी एंड बरार (सेन्ट्रल प्राविन्स) के नाम में जाना जाता था। बाद में मध्यप्रदेश विदर्भ से अलग हुआ। इसके बाद वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना लेकिन संगठन के रूप में हम पूरी तरह एकजुट रहे। इस आयकर विभाग में ऐसे भी प्रभार हैं जहाँ एक राज्य में 4 सर्कल हैं वहीं मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ने ऐसी मिसाल पेश की है कि 2 राज्यों में एक सर्कल के रूप में 3 दशकों से भी ज्यादा समय से हम काम कर रहे हैं। जहाँ तक संघर्षों और कुर्बानियों का सवाल है, तो इस सर्कल का इतिहास गौरवपूर्ण बलिदानों से भरा पड़ा है कामरेड जी आर कुरील जो कि संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक थे को संगठन के लिये काम करने की सजा रूल 56J के तहत बर्खास्तगी के रूप में मिली और पूरे देश के आयकर कर्मचारी महासंघ के साथियों ने उनकी वापसी के लिये अभूतपूर्व संघर्ष किया और उन्हें शान से वापस लाये। यही वह सर्कल है जहाँ ग्रुप डी और ग्रुप सी को एक किया गया। यही वह सर्कल है जहाँ सबसे पहले जेसीए बनाने का सपना हकीकत में बदला। यही वह सर्कल है जहाँ संगठन की ताकत, एकजुटता और प्रभाव से सभी परिचित हैं। इस सर्कल को कामरेड कुरील के अलावा साथी ओ पी यादव, ओ पी चौबे, के आर पिल्लै, पी वी रामचंद्रन जैसे जुझारू साथियों ने नेतृत्व प्रदान किया। वर्ष 2000 से साथी पवन सिंह ठाकुर अध्यक्ष और साथी यशवंत पुरोहित महासचिव के रूप में संगठन को अपनी सेवायें दे रहे हैं। इस सर्कल को राष्ट्रीय मुख्यालय में भी सम्मानपूर्ण स्थान हासिल है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ भौगौलिक रूप से देश का सबसे बड़ा सर्कल है। यहाँ 38 शाखायें हैं। भोपाल में कैडर कंट्रोलिंग सी सी ए के अलावा महानिदेशक (अन्वेषण) भी पदस्थ हैं। रायपुर और इंदौर में क्षेत्रीय मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय कार्यरत हैं। वर्तमान में यह प्रभार कर्मचारियों की अभूतपूर्व कमी का सामना कर रहा है फिर भी राष्ट्रीय स्तर पर संघर्षों के आव्हान को हमने हमेशा शतप्रतिशत सफल बनाया है। अभी हाल ही में 8 से 10 अप्रैल 2013 को ग्वालियर में 9 वें ऐतिहासिक सर्कल अधिवेशन के माध्यम से इस सर्कल ने पुनः अपनी एकजुटता सिद्ध कर दी है। हमारे संगठन में धर्म, जाति, भाषा, क्षे़त्र इत्यादि की कोई दीवार नहीं है। यह सफर जारी रहेगा। हमारा ध्वज सदा ऊॅंचा लहराता रहेगा।

                 

  • Circle General Secretary(Bhopal)

    • संदेश

      आयकर कर्मचारी महासंघ, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सर्कल की वेबसाइट शुरू होने के अवसर पर सर्कल सचिवालय और कार्यसमिति की ओर से हम आप सभी को बधाई देते हैं और आमंत्रित करते हैं कि आप नियमित रूप से हमारे संगठन की गतिविधियों से जुडे़ं।Read More